
रांची: झारखंड में सरकारी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एक बयान चर्चा में है। परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने इसका जिम्मेदार सरकार को मानने के बजाय परीक्षा से जुड़ी एजेंसी और व्यवस्था की ओर इशारा किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान UP-बिहार के लोगों और लखनऊ की कंपनी का भी जिक्र किया। उनके इस बयान के बाद परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
दरअसल, झारखंड में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। परीक्षा संचालन, एजेंसी की भूमिका और कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थी सवाल उठाते रहे हैं।
इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था और एजेंसी की भूमिका को भी देखा जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने लखनऊ की कंपनी और UP-बिहार के लोगों का जिक्र किया।
अभ्यर्थियों में बढ़ी नाराजगी
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों का कहना है कि वे कई महीनों और वर्षों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में अगर परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो इसका सीधा असर अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ता है।
अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और अगर कहीं गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
अब आगे क्या होगा?
मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है और परीक्षा व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों को क्या राहत मिलती है।
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